मणिहारी का भेष बनाया – Manihari Ka Bhesh Banaya Lyrics in Hindi
Manihari Ka Bhesh Banaya Lyrics in Hindi दोहा : जोगन रुकमण राधिका,रुप बनायो आयजोगि रुप लिया श्याम ने,सत परखन को जाय ॥ मणिहारी का भेष बनाया,श्याम चूड़ी बेचने आया |छलिया का भेष बनाया,श्याम चूड़ी बेचने आया ॥। झोली कांधे धरी,उसमें चूड़ी भरी (२)गलियों में शोर मचाया ।श्याम चूड़ी… राधा ने सुनीललिता से कही,मोहन को तुरंत…
